दिल में बसा है नाम तुम्हारा, रहमत का दरिया, नूर का सहारा। मुहम्मद नबी, रहमत के सागर, तेरे बिना सब है अधूरा। आई लव मुहम्मद, आई लव मुहम्मद, तेरी राह में है सुकून का सच। आई लव मुहम्मद, आई लव मुहम्मद, तेरे नूर से चमके दिल का रस्त। तेरे ही सदके जग है सँवरा, तेरे ही कदम से पाया सहारा। मुहम्मद नबी, नूर के पैग़म्बर, तुमसे ही जग में फैला उजियारा। आई लव मुहम्मद, आई लव मुहम्मद, तेरी राह में है सुकून का सच। आई लव मुहम्मद, आई लव मुहम्मद, तेरे नूर से चमके दिल का रस्त।